अलंकार अभ्यास - भाग 3

भाग 3 का अभ्यास आपको भाग 2 के ४ हफ्ते के अभ्यास के बाद ही शुरू करना चाहिए. भाग 3 में सुर के अभ्यास और थोड़े कठिन हो जाते हैं और अगर भाग 2 ठीक प्रकार से नहीं अभ्यासित किये गए हैं तो भाग 3 के अभ्यास में आपको परेशानी होगी. आइये भाग 3 का अभ्यास शुरू करते हैं.


अभ्यास 1
पहले आरोह में करें: ध्यान दें कि इस अभ्यास में पहली बार स्वर लगातार बढ़ते क्रम में न हो कर, एक एक स्वर छोड़ कर हैं.
सा  -  गा
     रे   -  मा
         गा  -  पा
              मा  -  धा
                   पा  -  नी
                        धा  -  सा
'

फिर अवरोह में करें:
सा
'  -  धा
     नी  -  पा
          धा  -  मा
              पा  -  गा
                   मा  -  रे  
                        गा  -  सा

अभ्यास 2
पहले आरोह करें: वैसे तो ये अभ्यास भाग २ के अभ्यास से बहुत मिलाता जुलता है लेकिन इतना आसान नहीं है. उदाहरण के लिए, पहले लाइन के आखिरी स्वर "पा" से फिर अगली लाइन का स्वर "रे" में जाने में परेशानी महसूस होगी. इसलिए ध्यान रखिये कि "रे" वहां ठीक से लगे. इस अभ्यास कि यही सबसे महत्वपूर्ण सीख है.
सा रे  -  सा रे गा मा पा
     रे गा  -  रे गा मा पा धा
        गा मा  -  गा मा पा धा नी
            मा पा  -  मा पा धा नी सा
'

फिर अवरोह करें:
सा
' नी  -  सा' नी धा पा मा
     नी धा  -  नी धा पा मा गा
         धा पा  -  धा पा मा गा रे
             पा मा  -  पा मा गा रे सा

४-५ बार ऐसा अभ्यास करने के बाद यही अभ्यास अकार में करे.


अभ्यास 3
पहले आरोह में करें.

सा रे सा रे  
सा गा रे गा - रे मा गा मा - गा पा मा पा - मा पा धा पा  - पा नी धा नी - धा सा
' नी सा'

फिर अवरोह में करें. इसमे आरोह से समानता ज्यादा नहीं है इसलिए ध्यान से ये अभ्यास करें.

धा नी धा नी - पा धा पा धा - मा पा मा पा - गा मा गा मा - रे गा रे गा
सा रे सा


४-५ बार ऐसा अभ्यास करने के बाद यही अभ्यास अकार में करे. अभ्यास में जब थोड़ा आसानी हो जाये तो अभ्यास की गति पहले से दुगनी कर दें. धीरे दीरे कर कर गति तेज करते जाएँ तो तीव्र गति में अभ्यास करने का प्रयास करे.

अभ्यास 4
पहले आरोह में करें.

सा रे गा रे - सा रे गा रे - सा रे गा रे - सा रे गा मा
     रे गा मा गा - रे गा मा गा - रे गा मा गा - रे गा मा पा
         गा मा पा मा - गा मा पा मा - गा मा पा मा - गा मा पा धा
              मा पा धा पा - मा पा धा पा - मा पा धा पा - मा पा धा नी
                   पा धा नी धा - पा धा नी धा - पा धा नी धा - पा धा नी सा
'
                     
फिर अवरोह में करें

सा
' नी धा नी - सा' नी धा नी - सा' नी धा नी - सा' नी धा पा
     नी धा पा धा - नी धा पा धा - नी धा पा धा - नी धा पा मा 
         धा पा मा पा - धा पा मा पा - धा पा मा पा - धा पा मा गा
              पा मा गा मा - पा मा गा मा - पा मा गा मा - पा मा गा रे
                  मा गा रे गा - मा गा रे गा - मा गा रे गा - मा गा रे सा


४-५ बार ऐसा अभ्यास करने के बाद यही अभ्यास अकार में करे. अभ्यास में जब थोड़ा आसानी हो जाये तो अभ्यास की गति पहले से दुगनी कर दें. धीरे दीरे कर कर गति तेज करते जाएँ तो तीव्र गति में अभ्यास करने का प्रयास करे. कोशिश करें कि ये अभ्यास जितनी तीव्र गति से करे सकें तो उतना ही अच्छा लाभ मिलेगा. 

अभ्यास 5
पहले आरोह में करें. इस अभ्यास में सुरों का क्रम थोड़ा मुश्किल है इसलिए याद कर लेना जरूरी है. याद रखने के लिए सुरों के क्रम समझ लेना अच्छा रहता है. क्रम समझाने के लिए सुरों को सा - 1, रे - 2, गा - 3 इत्यादि से भी दिखाया गया है.

सा गा रे  -  सा गा रे गा रे  -  सा रे गा रे  -  सा रे गा मा     ( 1-3-2  -  1-3-2-3-2  -  1-2-3-2  -  1-2-3-4 )
     रे मा गा  -  रे मा गा मा गा -  रे गा मा गा  -  रे गा मा पा     ( 2-4-3  -  2-4-3-4-3  -  2-3-4-3  -  2-3-4-5 )
        गा पा मा  -  गा पा मा पा मा  -  गा मा पा मा  -  गा मा पा धा     ( 3-5-4  -  3-5-4-5-4  -  3-4-5-4  -  3-4-5-6 )
             मा धा पा  -  मा धा पा धा पा  -  मा पा धा पा  -  मा पा धा नी     ( 4-6-5  -  4-6-5-6-5  -  4-5-6-5  -  4-5-6-7 )
                  पा नी धा  -  पा नी धा नी धा  -  पा धा नी धा  -  पा धा नी सा'
     ( 5-7-6  -  5-7-6-7-6  -  5-6-7-6  -  5-6-7-8 )


फिर अवरोह में करें.

सा' धा नी  -  सा' धा नी धा नी  -  सा' नी धा नी  -  सा' नी धा पा
     नी पा धा  -  नी पा धा पा धा  -  नी धा पा धा  -  नी धा पा मा
          धा मा पा  -  धा मा पा मा पा  -  धा पा मा पा  -  धा पा मा गा
               पा गा मा  -  पा गा मा गा मा  -  पा मा गा मा  -  पा मा गा रे
                   मा रे गा  -  मा रे गा रे गा  -  मा गा रे गा  -  मा गा रे सा 
४-५ बार ऐसा अभ्यास करने के बाद यही अभ्यास अकार में करे. अभ्यास में जब थोड़ा आसानी हो जाये तो अभ्यास की गति पहले से दुगनी कर दें. धीरे दीरे कर कर गति तेज करते जाएँ तो तीव्र गति में अभ्यास करने का प्रयास करे. कोशिश करें कि ये अभ्यास जितनी तीव्र गति से करे सकें तो उतना ही अच्छा लाभ मिलेगा.


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