संगीत प्रतियोगिता की तैयारी

पिछले कई महीनों से एक निवेदन आ रहा है music audition (संगीत प्रतियोगिता चयन) की तैयारी के ऊपर कुछ लिखने के लिए. वैसे तो हर प्रतियोगिता में संगीत को सही तरीके से सम्मान नहीं दिया जाता, कई बार दिखावा और मौज मस्ती भर ही होती है. किन्तु गम्भीर प्रतियोगिताएं के लिए तैयारी करने के लिए सुरसाधना की तरफ से यहाँ कुछ सुझाव पेश किये जा रहे हैं, आशा है की इससे सहायता मिलेगी. 

१) मन का खेल

सबसे पहली बात ये की सभी प्रतियोगिताएं तरह, संगीत प्रतियोगिता भी एक मन का खेल है. "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत". अतः सब से पहले अपने मन को मजबूत बनाइये. आप प्रतियोगिता में सिर्फ जीतने के लिए नहीं जाते. आप जाते हैं एक अनुभव, अपने एक आत्मपरीक्षण और संगीत के सम्मान के लिए. आपको न सिर्फ संगीत के गुरुओं के सामने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करनी है बल्कि आपको तमाम दर्शकों के बीच भी एक आत्मबल के साथ अपनी गायकी को प्रस्तुत करना है. ये खेल सिर्फ हार या जीत का नहीं है. एक सच्चा प्रतियोगी हार कर भी बहुत कुछ जीत कर जाता है. इसलिए पहले एक अच्छे प्रतियोगी बनिए, जीतने के लिए बिलकुल भाग लीजिए लेकिन हार को भी सम्मानित तरीके से और एक स्वाभिमान के साथ स्वीकार करने के लिए अपने आप को तैयार कर के रखिये. अपने मन को एक विजेता के आत्मविश्वास और एक सच्चे संगीत साधक की शक्ति की कसौटी पे देखिये. अगर आपमें वो बात है तो आप तैयार है इस खेल के लिए. 

२) चयनकर्ता (judge ) की सोंच
 
अगर आप चयनकर्ता के सामने अपने आप को प्रस्तुत करने जा रहे हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है की आखिर चयनकर्ता प्रतियोगियों में क्या ढूंढ रहे हैं, वो आपकी प्रस्तुति में क्या परख रहे हैं. आप उसी के हिसाब से अपनी प्रस्तुति में सही गीत का चयन, अपनी प्रस्तुति की सधी हुई शुरुआत और अपने व्यक्तित्व का प्रभावशाली प्रदर्शन करने का पूरा प्रयास करें. चयनकर्ता की नज़र में जिन बातों का सबसे ज्यादा महत्व होता है उनमे से कुछ बातें ये हैं:
  • चयन के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण बात है आपके सुर और लय की प्रवीणता (perfection). गाना चाहे जितना अच्छा चुना हो, आप चाहे जितने आकर्षक हों, मगर आपके सुर सही नहीं लग रहे हैं, आपके ताल और लय सही मेल नहीं खा रहे हैं तो फिर आपके आगे बढ़ने की उम्मीद बहुत ही काम समझें. सुर और लय की प्रवीणता सिर्फ और सिर्फ कड़े रियाज़ और संगीत की एकजुट साधना से ही आ सकती है. इसलिए audition से पहले आपको अपने चुने हुए गाने की रग रग पता होनी चाहिए, आपको उस गाने के सारे महत्वपूर्ण उतार चढाव, मन को छू लेने वाले सारे हिस्से और गाने के जिस भाव में पेश किया गया है उसी भाव को गायकी में सही तरीके से निभा पाने के लिए पूरा अभ्यास होना चाहिए. अगर आपको संगीत में बहुत अच्छी पकड़ नहीं है, आपकी औपचारिक रूप से शास्त्रीय संगीत की लम्बे समय तक शिक्षा नहीं हुई है तो judges के सामने सबसे पहले प्रदर्शन में गाने में अपनी तरफ से कोई प्रयोग न करें  
  • आपके पास अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बहुत थोड़ा समय होता है और सिर्फ एक मौका होता है judges को प्रभावित करने का. इसलिए सांसों पे नियंत्रण बहुत ही आवश्यक है. चिंता की वजह से साँस जल्दी चलने लगती है जो आपके गाने में बड़ी बाधा डाल सकती है. साँसों में अच्छा नियंत्रण होने से आप खुद को बेहतर संभल पाएंगे और साथ ही अपने गाने में सही जगह पर सांस लेने और छोड़ने के अभ्यास से गाने को बिना लड़खड़ाए गा पाएंगे. गाते समय पूरी तरह से खुल कर गायें, आवाज़ साफ़ हो,  मतलब भर की तेज हो लेकिन तीखी या शोर जैसी नहीं हो.
  • कई बार प्रतियोगी गानों के बोल भूल जाते हैं. इसे judges अच्छा नहीं मानते। इसलिए गाने के बोल अच्छे से याद करें, लिख कर कोशिश करें. गाने के बोल में उच्चारण का बहुत बड़ा महत्व होता है. इसलिए अगर हिंदी आपकी मातृभाषा नहीं है तो गाने के बोल बहुत ध्यान से बार बार सुने, उसके एक एक शब्द का सही उच्चारण नोट करें. 
  • अगर गाते समय आपसे गलती हो भी जाती है तो ये बड़ा मायने रखता है की आप अपने आपको कैसे सँभालते हैं. गलती होने पर judges के सामने अपने आपको बहुत बेचारा, मायूस, कमजोर या फिर अपराधी जैसा न प्रदर्शित करें. जितनी जल्दी हो अपने गाने को संभालें और बिना चिंता किये पूरे विश्वास के साथ गाना पूरा करें. अगर हो सके तो जहाँ से गलती हुई है उस भाग को दुबारा गाते हुए गाने को पूरा करें. अपने प्रदर्शन के दौरान पूरे समय प्रसन्न और उत्साहित दिखें.
  • जब judges के सामने आएं तो इधर उधर न देखें, अपना ध्यान और निगाहें judges पर ही रखें. अपना गाना खत्म करने के पहले जरूरत से ज्यादा फ़िज़ूल की बातें न करे, अन्यथा judges को आपको सुन पाने का समय ठीक से नहीं मिल पाएगा. विनम्र रहें, बहुत ज्यादा होशियारी न दिखाएँ नहीं तो कई बार ये आपके लिए विपरीत परिणाम देता है. 

३) सही गाने का चयन 

  • ऐसा गाना चुने जो आप बहुत अच्छी तरह से निभा सकते हैं. बहुत कठिन गाना जो आपकी क्षमता के लिए बड़ी चुनौती हो, आपके प्रदर्शन के लिए अच्छा नहीं होगा.
  • तीन चार अपनी पसंद के गाने चुने, उन्हें गा कर और खुद की आवाज़ रिकॉर्ड कर सुने की किस गाने पर आपके गाने की खूबियां निखर कर आ रही हैं.
  • जहाँ तक संभव हो ऐसा गाना न चुने जो किसी ने शायद कभी सुना ही न हो, खासकर चयन की शुरूआती दौर में. इस तरह के गाने पर चयनकर्ता टीम को प्रभावित करने के लिए आपकी गायकी बहुत अच्छी होनी चाहिए. इसलिए बहुत सोंच समझ कर ऐसे गाने अपनी क्षमता के अनुसार चुने. 
  • बहुत साधारण या आसान गाना न चुने. इससे judges को निर्णय लेने में परेशानी होती है. 


४) प्रदर्शन से पहले गले और स्वास्थ्य का रख-रखाव   

आपके चयन के दिन के पहले के दो-तीन हफ्ते बड़े मायने रखते हैं. इन दो-तीन हफ़्तों में आपको अपने गले और अपने स्वास्थ्य का एक तपस्या की तरह पूरा पूरा ख्याल रखना चाहिए. इस तैयारी के लिए यहाँ पर कुछ सुझाव हैं: 
  • ज्यादा ऊंचा या नीचे पिच वाले गाने लम्बे समय तक न गायें 
  • गले को तर रखें, दिन में १० से १२ गिलास पानी पिए 
  • खान पान सादा रखें, आइसक्रीम, किसी भी प्रकार की अल्कोहल, धूम्रपान और आचार इत्यादि से दूर ही रहें   
  • कम से कम ८ घंटे की नींद रोज लें 
  • धूल धक्कड़ वाली जगहों से बचें 
  • बहुत लम्बे समय तक अभ्यास ना करें. गले को बहुत कष्ट न पहुंचाए। थकावट होने पर रुकें, आराम कर के फिर से अभ्यास करें.

५) सौ प्रतिशत ईमानदारी के साथ अभ्यास 

अभ्यास या रियाज़ की आपकी प्रतियोगिता की सफलता या विफलता में सबसे बड़ी भूमिका रहेगी. रियाज़ पूरी ईमानदारी और लगन से करें. अपना सौ प्रतिशत रियाज़ में दें. इससे न सिर्फ तैयारी में सहायता मिलेगी बल्कि प्रतियोगिता से हटकर भी आपकी संगीत की शिक्षा में आपको बहुत आगे ले कर जायेगा. रियाज़ के लिए हमारी तरफ से कुछ सुझाव: 

  • रोज सुबह सुबह १५-२० मिनट ओमकार का अभ्यास 
  • अपना गाना रिकॉर्ड कर के सुने और सुधारें 
  • गाने का रियाज़ करने से पहले रोज कम से कम १५ मिनट सरगम पर रियाज़ करें. 
  • कई बार स्टेज पर गाने समय आप इधर उधर थोड़ी गतिविधियाँ करते हैं. इसलिए रियाज़ में चल चल कर गाने का भी अभ्यास करें ताकि शरीर के मूवमेंट के साथ भी आप सुर, लय और गाने का ध्यान रख पाएं. 

उम्मीद है की ये सुझाव आपके काम आएंगे. अगर आप संगीत के जानकार हैं, ऐसी प्रतियोगिताएं में judge बन कर जातें हैं, तो अवश्य अपने अनुभव से थोड़ा ज्ञानवर्धन करें. अगर आप प्रतियोगी (कन्टेस्टन्ट) की तरह ऐसी प्रतियोगिताएं में भाग लेते हैं तो अपने विचार यहाँ रखे. अगर इस लेख से सहायता मिलती है तो प्रतियोगिता में चयन होने के वाद हमें प्रोत्साहित जरूर करें. आपकी सफलता में हमारी ख़ुशी सम्मिलित है. आपकी संगीत प्रतियोगिता में सफलता के लिए सुरसधना की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएं. 

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